पर्सनल लोन कैसे लें: आवेदन, EMI और शुल्क
मोबाइल से पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने का पूरा तरीका, ब्याज और EMI का हिसाब, और लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें। Innopay Money पर पार्टनर लेंडर अभी ₹1,000 से ₹50 लाख तक के लोन, 12% से 48% सालाना ब्याज पर, 3 से 36 महीनों के लिए सूचीबद्ध करते हैं।
आवेदन कैसे करें — 5 कदम
- खाता बनाएँ: अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से सत्यापित करें।
- राशि और लेंडर चुनें: ऐसा लेंडर चुनें जो आपकी ज़रूरत की लोन राशि और अवधि (tenure) देता हो।
- लेंडर की आवेदन प्रक्रिया पूरी करें: इसमें पहचान सत्यापन (KYC) होता है — आम तौर पर पैन (PAN) और आधार से। कुछ लेंडर के लिए आवेदन उनकी अपनी वेबसाइट पर पूरा होता है।
- Key Fact Statement (KFS) पढ़ें: इसमें मंज़ूर राशि, ब्याज दर, हर शुल्क, APR और किस्तों का पूरा ब्योरा होता है।
- खाते में राशि: लेंडर से मंज़ूरी मिलने के बाद लोन की राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है।
पार्टनर लेंडर और उनकी शर्तें
| लेंडर | ब्याज दर (सालाना) | राशि | अवधि (महीने) | आवेदन शुल्क |
|---|---|---|---|---|
| mPokket | 18% – 36% | ₹1,000 – ₹2 लाख | 6 – 24 | शून्य |
| Aye Finance | 24% – 29.5% | ₹5,000 – ₹1 लाख | 12 – 30 | शून्य |
| Innopay Finance(Ramesham Securities & Credit (India) Limited) | 12% – 48% | ₹5,000 – ₹50,000 | 3 – 12 | शून्य |
| Hero Fincorp | 18% – 30% | ₹50,000 – ₹7 लाख | 12 – 36 | शून्य |
| Poonawalla Fincorp | 12% – 29% | ₹50,000 – ₹15 लाख | 12 – 36 | शून्य |
| TATA CAPITAL | 12% – 29% | ₹65,000 – ₹50 लाख | 12 – 36 | शून्य |
यह हर लेंडर की मौजूदा सूची है, ऑफ़र नहीं। आपकी दर, शुल्क और APR लेंडर के Key Fact Statement में होंगे।
EMI का उदाहरण
₹1 लाख के लोन पर मासिक किस्त, उन लेंडर की दरों से जो यह राशि और अवधि सूचीबद्ध करते हैं। अपनी राशि के लिए EMI कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी) देखें।
| राशि | अवधि | सूचीबद्ध दरें | EMI | कुल ब्याज (सबसे ऊँची दर पर) |
|---|---|---|---|---|
| ₹1 लाख | 12 महीने | 12% – 36% | ₹8,885 – ₹10,046 | ₹20,555 |
| ₹1 लाख | 24 महीने | 12% – 36% | ₹4,707 – ₹5,905 | ₹41,714 |
हर पंक्ति में सिर्फ़ वे लेंडर गिने गए हैं जो उस राशि और अवधि को सूचीबद्ध करते हैं। कम होते मूलधन (reducing balance) पर ब्याज, समान मासिक किस्तें, कोई शुल्क शामिल नहीं — यह केवल उदाहरण है, ऑफ़र नहीं।
ब्याज दर और वार्षिक प्रतिशत दर (APR) में अंतर
ब्याज दर बकाया मूलधन पर लगती है और इसी से EMI बनती है। APR (वार्षिक प्रतिशत दर) में प्रोसेसिंग फ़ीस जैसे शुल्क भी जुड़ते हैं, इसलिए यही लोन की असली सालाना लागत है। लोन की तुलना APR से करें।
KFS में एक कूलिंग-ऑफ़ (look-up) अवधि भी लिखी होती है। इस दौरान आप मूलधन और उस अवधि का आनुपातिक APR चुकाकर बिना किसी पेनल्टी के लोन से बाहर निकल सकते हैं।
सावधानियाँ
- लोन “अनलॉक” करने के लिए पहले कोई पैसा न दें और किसी को अपना OTP न बताएँ।
- बिना KYC या बिना क्रेडिट जाँच के लोन का वादा करने वालों से सावधान रहें।
- हर ऑफ़र में लेंडर का नाम होना चाहिए — उसे RBI की वेबसाइट (rbi.org.in) पर जाँचें।
- शिकायत के लिए हमारा शिकायत निवारण पेज देखें। अगर लेंडर शिकायत ख़ारिज कर दे, जवाब से आप संतुष्ट न हों, या 30 दिन में जवाब न मिले, तो आप लेंडर के ख़िलाफ़ cms.rbi.org.in पर RBI ओम्बड्समैन से शिकायत कर सकते हैं।
मोबाइल नंबर से खाता बनाएँ, ज़रूरी राशि चुनें और पार्टनर लेंडर के ऑफ़र देखें। लोन की मंज़ूरी लेंडर के फ़ैसले पर निर्भर करती है।
विकल्प देखेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या Innopay Money खुद लोन देता है?
नहीं। Innopay Money एक लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) है, लेंडर नहीं। लोन की मंज़ूरी, ब्याज दर और अन्य शर्तें पार्टनर लेंडर तय करता है, जिसका नाम आपके ऑफ़र और Key Fact Statement (KFS) में लिखा होता है।
क्या सिर्फ़ आधार कार्ड से लोन मिल जाता है?
नहीं। लेंडर पहचान सत्यापन (KYC) करता है — आम तौर पर पैन (PAN) और आधार से, या किसी अन्य मान्य दस्तावेज़ से — और आपकी आय व लोन चुकाने की क्षमता जाँचकर ही फ़ैसला करता है। बिना जाँच के लोन का वादा करने वालों से सावधान रहें।
अगर Key Fact Statement समझ न आए तो?
RBI के नियमों के अनुसार Key Fact Statement (KFS) ऐसी भाषा में होना चाहिए जिसे आप समझते हों। कोई शर्त या शुल्क समझ न आए तो लोन स्वीकार करने से पहले लेंडर से पूछें।